किसानों का ज़बरदस्त आक्रोश – 550 करोड़ की सिंचाई योजना में भ्रष्टाचार, कंपनी पर कार्रवाई की मांग!
खंडवा में जावर-सिहाड़ा उद्वहन सिंचाई योजना में भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण के आरोप लगाते हुए किसानों ने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया। 550 करोड़ रुपये की इस योजना के तहत किसानों को सिंचाई पानी मुहैया कराने का लक्ष्य था, लेकिन अब तक खेतों तक पानी नहीं पहुंच सका। जीवीपीआर कंपनी पर पाइपलाइन डालने में लापरवाही और मानकों की अनदेखी का आरोप है। इसके परिणामस्वरूप किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। किसानों ने ट्रैक्टर रैली निकाली और जावर पुलिस थाना में ज्ञापन सौंपकर कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में एफआईआर दर्ज करने की मांग की। साथ ही, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की अपील की। इस मुद्दे पर कांग्रेस नेता और किसान नेताओं ने प्रशासन से तुरंत कदम उठाने की मांग की है, ताकि किसानों को उनके अधिकार मिल सकें

खंडवा। खंडवा जिले के जावर-सिहाड़ा क्षेत्र में किसानों ने अपनी शिकायतें सड़क पर उभारते हुए ट्रैक्टर रैली निकाली। उनका आरोप है कि 550 करोड़ रुपये की लागत वाली जावर-सिहाड़ा उद्वहन सिंचाई योजना में भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण कार्य के कारण खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। किसानों ने इस मामले में कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
550 करोड़ की योजना, लेकिन नहीं मिला लाभ
किसानों का कहना है कि 2017 में सरकार द्वारा मंजूर की गई जावर-सिहाड़ा सिंचाई योजना की लागत करीब 550 करोड़ रुपये थी और इसे जीवीपीआर कंपनी को सौंपा गया था। इस योजना का उद्देश्य 26,000 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई के पानी से जोड़ना था, लेकिन अब तक कोई ठोस काम नहीं हुआ। सरकार ने इसे 2021 से 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा था, लेकिन आज तक किसानों को इसका कोई लाभ नहीं मिला।
पाइपलाइन में खामियां, खेती में नुकसान
किसानों का आरोप है कि योजना के तहत पाइपलाइन डालने में भारी लापरवाही और मानकों की अनदेखी की गई। जगह-जगह पाइपलाइन में खामियां हैं, जो सिंचाई की प्रक्रिया को पूरी तरह से अवरुद्ध कर रही हैं। इस कारण कृषि कार्य प्रभावित हो रहा है और किसानों को आर्थिक नुकसान हो रहा है।
ट्रैक्टर रैली और ज्ञापन
ग्राम भकराड़ा, जावर और आस-पास के गांवों के किसानों ने शुक्रवार को ट्रैक्टर रैली निकाली और जावर पुलिस थाना तक पहुंचे। वहां किसानों ने थाना प्रभारी श्याम सिंह भादले को ज्ञापन सौंपते हुए कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में एफआईआर दर्ज करने और मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की।
सख्त कार्रवाई की मांग
किसान नेताओं ने कहा कि वे पूरी तरह से कृषि पर निर्भर हैं और इस सिंचाई योजना से उन्हें बड़ी उम्मीदें थीं। लेकिन अब इस योजना से उन्हें केवल धोखा मिला है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि दोषी अधिकारियों और कंपनी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि अन्य योजनाओं में भी ऐसी लापरवाही न हो।
प्रमुख नेता शामिल
इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस जिलाध्यक्ष उत्तमपाल सिंह पुरनी, कांग्रेस नेता सुनिल आर्य, जनपद अध्यक्ष प्रतिनिधि रामपाल सिंह सोलंकी, किसान नेता चंदन सिंह पंवार, जनपद सदस्य बृजेंद्र सिंह पंवार और अश्विन सांवले सहित सैकड़ों किसान शामिल हुए।
इस भ्रष्टाचार और लापरवाही के खिलाफ किसानों की आवाज़ को अब तक अनसुना किया जा रहा था, लेकिन अब वे सड़क पर आकर अपनी मांगों को पूरी दृढ़ता से उठा रहे हैं। क्या प्रशासन इस मुद्दे पर गंभीर कदम उठाएगा?
विपक्ष के नेताओं ने भी सरकार पर आरोप लगाए हैं कि यह योजना किसानों के लिए सिर्फ एक छलावा बनकर रह गई है।